वाल्मीकि रामायण 6.75.4
ततो ऽस्तं गत आदित्ये रौद्रे तस्मिन्निशामुखे।लङ्कामभिमुखाः सोल्का जग्मुस्ते प्लवगर्षभाः॥
tato 'staṃ gata āditye raudre tasminniśāmukhe |laṅkāmabhimukhāḥ solkā jagmuste plavagarṣabhāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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