वाल्मीकि रामायण 6.99.4
ते ऽर्दिता बाणवर्षेण महापार्श्वेन वानराः।विषादविमुखाः सर्वे बभूवुर्गतचेतसः॥
te 'rditā bāṇavarṣeṇa mahāpārśvena vānarāḥ |viṣādavimukhāḥ sarve babhūvurgatacetasaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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