वाल्मीकि रामायण 7.20.23
मया हि भगवन्क्रोधात्प्रतिज्ञातं रणार्थिना ।अवजेष्यामि चतुरो लोकपालानिति प्रभो॥
mayā hi bhagavankrodhātpratijñātaṃ raṇārthinā |avajeṣyāmi caturo lokapālāniti prabho ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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