वाल्मीकि रामायण 7.26.14
एतस्मिन्नन्तरे तत्र दिव्याभरणभूषिता ।सर्वाप्सरोवरा रम्भा दिव्यपुष्पविभूषिता॥
etasminnantare tatra divyābharaṇabhūṣitā |sarvāpsarovarā rambhā divyapuṣpavibhūṣitā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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