वाल्मीकि रामायण 7.27.2
तस्य राक्षससैन्यस्य समन्तादुपयास्यतः ।देवलोकं ययौ शब्दो मथ्यमानार्णवोपमः॥
tasya rākṣasasainyasya samantādupayāsyataḥ |devalokaṃ yayau śabdo mathyamānārṇavopamaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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