वाल्मीकि रामायण 7.39.11
भरतो लक्ष्मणश्चैव शत्रुघ्नश्च महाबलाः ।आदाय तानि रत्नानि स्वां पुरीं पुनरागताः॥
bharato lakṣmaṇaścaiva śatrughnaśca mahābalāḥ |ādāya tāni ratnāni svāṃ purīṃ punarāgatāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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