वाल्मीकि रामायण 7.66.3
भगवन्रामपत्नी सा प्रसूता दारकद्वयम् ।ततो रक्षां महातेजः कुरु भूतविनाशिनीम्॥
bhagavanrāmapatnī sā prasūtā dārakadvayam |tato rakṣāṃ mahātejaḥ kuru bhūtavināśinīm ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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