वाल्मीकि रामायण 7.90.3
तयोस्तद्वाक्यमाधुर्यं निशम्य परिपृच्छतोः ।रामः पुनरुवाचेमां प्रजापतिसुते कथाम्॥
tayostadvākyamādhuryaṃ niśamya paripṛcchatoḥ |rāmaḥ punaruvācemāṃ prajāpatisute kathām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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