वाल्मीकि रामायण 6.49.11
मया सह वनं यातो विना तेन गतः पुनः ।उपालम्भं न शक्ष्यामि सोढुं बत सुमित्रया॥
mayā saha vanaṃ yāto vinā tena gataḥ punaḥ |upālambhaṃ na śakṣyāmi soḍhuṃ bata sumitrayā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें