वाल्मीकि रामायण 7.68.4
ततो ऽर्धदिवसे प्राप्ते क्रूरकर्मा स राक्षसः ।आगच्छद्बहुसाहस्रं प्राणिनां भारमुद्वहन्॥
tato 'rdhadivase prāpte krūrakarmā sa rākṣasaḥ |āgacchadbahusāhasraṃ prāṇināṃ bhāramudvahan ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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